UPI के 10 साल: रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन और ग्लोबल विस्तार | Prime Assure News
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UPI के 10 साल पूरे: रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन और ग्लोबल विस्तार से डिजिटल पेमेंट को मिली नई रफ्तार


UPI के 10 साल पूरे: रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन और ग्लोबल विस्तार से डिजिटल पेमेंट को मिली नई रफ्तार

भारत की डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले Unified Payments Interface यानी UPI ने अगस्त 2026 में अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। पिछले एक दशक में UPI भारत में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार और आम उपभोक्ताओं तक डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है।

जुलाई 2026 में UPI का रिकॉर्ड प्रदर्शन

UPI ने जुलाई 2026 में अब तक का सबसे बड़ा मासिक transaction volume दर्ज किया। National Payments Corporation of India (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में UPI के जरिए 23.66 अरब transactions हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही। जून की तुलना में transaction volume में लगभग 4.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इससे साफ है कि भारत में UPI का इस्तेमाल सिर्फ रोजमर्रा के छोटे भुगतान तक सीमित नहीं रहा है। QR Code payments, online shopping, bill payments, money transfers और merchant payments में इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।

10 साल में UPI की बड़ी छलांग

UPI की शुरुआत 2016 में हुई थी। तब से लेकर 2026 तक इसके annual transaction volume में करीब 13,000 गुना की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में UPI ने लगभग 24,162 करोड़ transactions process किए।

UPI की सबसे बड़ी खासियत इसका instant और interoperable payment infrastructure है। यूजर अलग-अलग बैंक खातों को UPI-enabled apps से जोड़कर सीधे बैंक खाते से पैसे भेज और प्राप्त कर सकता है।

भारत से बाहर भी बढ़ रहा UPI

UPI का विस्तार अब भारत तक सीमित नहीं है। अगस्त 2026 तक UPI ecosystem 11 देशों तक पहुंच चुका है। हाल ही में Maldives ने अपने Favara payment system को UPI के साथ जोड़ा है, जिससे दोनों देशों के बीच real-time fund transfers की सुविधा शुरू हुई है।

इसके अलावा international UPI payments को बेहतर बनाने के लिए NPCI ने HSBC India और J.P. Morgan Payments के साथ real-time foreign-exchange settlement से जुड़ी partnership भी की है।

UPI में आगे क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं?

UPI ecosystem में transaction limits, international payments और payment infrastructure को लगातार upgrade किया जा रहा है। NPCI के हालिया circulars में limit management और UPI global acceptance से जुड़े updates भी शामिल हैं।

वहीं UPI transactions पर Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर भी 2026 में चर्चा हुई है। हालांकि इसे लेकर अलग-अलग प्रस्ताव सामने आए हैं, इसलिए इसे सभी UPI payments पर लागू नया charge समझना सही नहीं होगा।

निष्कर्ष

10 साल के सफर में UPI भारत के digital payment ecosystem की रीढ़ बन चुका है। जुलाई 2026 का रिकॉर्ड transaction volume और लगातार बढ़ता international adoption दिखाता है कि UPI का अगला चरण सिर्फ भारत में digital payments बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि global payment infrastructure में भी इसकी भूमिका बढ़ सकती है।

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